अंतःकरण चतुष्टय में मन – बुद्धि – चित्त और अहंकार होते हैं इसमें चित्त की शुद्धि होने से क्या क्या प्राप्त होता है ?
चित्त की शुद्धि क्यों करनी चाहिए ? आओ इस वेद मंत्र में हम सुने ईश्वर की वाणी वेद वाणी देववाणी अधिक जानकारी के लिए ,आप अवश्य #वैदिक_राष्ट्र यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें और बैल का घंटी का बटन अवश्य दबायेंं । जिससे आपको वेद मंत्र सुनने को मिलते रहे। धन्यवाद ।
आर्य समाज संचार नगर इंदौर मध्य प्रदेश
https://youtu.be/ViINkqdDkuU

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